Essay Of Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi

पंडित जवाहर लाल नेहरु एक महान इंसान थे जो बच्चों से बहुत प्यार करते थे। जवाहर लाल नेहरु के विषय पर निबंध लिखने के लिये विद्यार्थीयों को उनके स्कूल में निर्दिष्ट किया जाता है। इसलिये, चाचा नेहरु के महत्पूर्ण जीवन को समझने के लिये हम यहाँ पर लघु और दीर्घ निबंध आपके बच्चों के लिये उपलब्ध करा रहे है।

जवाहर लाल नेहरु पर निबंध (जवाहर लाल नेहरु एस्से)

Find here some essays on Jawaharlal Nehru in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

जवाहर लाल नेहरु पर निबंध 1 (100 शब्द)

पंडित जवाहर लाल नेहरु भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। इनका जन्म 14 नवंबर 1889 में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर में हुआ था। इनके पिता श्री मोती लाल नेहरु उस जमाने में एक प्राख्यात वकील थे। नेहरु जी ने अपनी शुरुआती शिक्षा घर से ही ली हालाँकि उच्च शिक्षा के लिये उन्होंने इंग्लैंड को चुना और अंतत: 1912 में वो भारत में लौट आये। भारत आते ही वो अपने पिता की तरह वकील बन गये और बाद में वो महात्मा गाँधी के साथ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हो गये। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वो कई बार जेल भी गये हालाँकि 1947 में भारत की आजादी के बाद वो आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने।

जवाहर लाल नेहरु पर निबंध 2 (150 शब्द)

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु का जन्म 14 नवंबर 1889 में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर में हुआ था और इनके पिता श्री मोतीलाल नेहरु एक जाने-माने वकील थे। नेहरु जी अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता की तरह एक वकील बनना चाहते थे। लेकिन वक्त ने करवट बदली और नेहरु के मन ने और इसी के साथ वो भी आजादी के आंदोलन में गाँधी के साथ कूद पड़े। आजादी मिलते ही वो सफलतापूर्वक भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। उन्हें बच्चों से बहुत प्यार था इसीलिये उनके जन्म दिवस के दिन को भारत में बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है।

भारत के बच्चों की ओर उनके प्यार और लगाव को प्रदर्शित करने के साथ ही बच्चों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिये उनके जन्म दिवस के अवसर पर भारतीय सरकार के द्वारा भी बाल स्वच्छता अभियान चलाया जाता है। उनके जन्म दिन को पूरे भारत में बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है खास तौर से बच्चों के द्वारा। वो बच्चों में चाचा नेहरु के नाम से भी प्रसिद्ध है।

जवाहर लाल नेहरु पर निबंध 3 (200 शब्द)

भारत में बहुत से महान व्यक्तियों ने जन्म लिया और नेहरु उनमें से एक थे। वो बच्चों को बहुत प्यार करते थे। वो बेहद मेहनती होने के साथ ही शांतिप्रिय स्वाभाव के व्यक्ति भी थे। इनके पिता का नाम मोती लाल नेहरु था और वो अपने समय के प्रसिद्ध वकीलों में थे। पंडित नेहरु का जन्म 14 नवंबर 1889 में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर में हुआ। नेहरु अपनी महानता और भरोसे के लिये जाने जाते थे। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा घर से ही पूरी की उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिये वो इंग्लैंड चले गये और वहाँ से भारत लौटने के बाद वो एक वकील बने।

गुलाम भारत में वकालत नेहरु को रास नहीं आ रही थी इसलिये वो गाँधी के साथ आजादी के संग्राम में कूद पड़े। उनकी कड़ी मेहनत ने भी भारत की आजादी में अहम किरदार निभाया और वो आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। उनको भारत के प्रसिद्ध आदर्शों के रुप में याद किया जाता है। बच्चों से बेहद लगाव होने के कारण ही उन्हें चाचा नेहरु भी कहा जाता है। बच्चों से इतने प्यार और लगाव की वजह से ही हर साल भारतीय सरकार ने उनके जन्म दिवस के दिन दो कार्यक्रम लागू किया है जिसका नाम है बाल दिवस और बाल स्वच्छता अभियान। भारत में हमेशा बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिये ये कार्यक्रम मनाया जाता है।


 

जवाहर लाल नेहरु पर निबंध 4 (250 शब्द)

जवाहर लाल नेहरु एक प्राख्यात वकील मोतीलाल नेहरु के पुत्र थे। इनका जन्म 14 नवंबर 1889 में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर में हुआ था। नेहरु को लोगों का आर्शीवाद प्राप्त हुआ और वो आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। इनका परिवार राजनीतिक रुप से बेहद प्रभावशाली था जहाँ पर इन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा अर्जित की और उच्च शिक्षा के लिये इंग्लैंड चले गये तथा एक प्रसिद्ध वकील बन कर भारत लौटे। इनके पिता एक जाने-माने वकील थे हालाँकि प्रतिष्ठित नेता के रुप में उनकी राष्ट्रवादी आंदोलनों में भी गहरी रुचि थी। महात्मा गाँधी के साथ आजादी के संग्राम में पंडित जवाहर लाल नेहरु ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और कई बार जेल गये। उनकी कड़ी मेहनत ने उनको इस काबिल बनाया कि वो आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने और देश के प्रति सभी जिम्मेदारीयों को निभा सके। 1916 में उन्होंने कमला कौल से शादी की और 1917 में एक प्यारी सी बच्ची के पिता बने जिसका नाम इंदिरा गाँधी था।

1916 में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के एक मीटिंग में वो महात्मा गाँधी से मिले। जलियाँवाला बाग नरसंहार के बाद उन्होंने अंग्रेजों से लड़ाई करने की प्रतिज्ञा ली। अपने कार्यों के लिये आलोचना होने के बावजूद भी वो स्वतंत्रता संघर्ष के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक है। उन्हें भारत के पहले और सबसे लंबी अवधि (1947 से 1964) तक प्रधानमंत्री रहने का गौरव हासिल है। अपने महान कार्यों से देश की सेवा के बाद हृदय घात की वजह से 27 मई 1964 को उनका देहांत हो गया। वो एक अच्छे लेखक भी थे और अपनी आत्मकथा जिसका नाम था आजादी की ओर (1941) सहित उन्होंने कई प्रसिद्ध किताबें भी लिखी थी।

जवाहर लाल नेहरु पर निबंध 5 (300 शब्द)

पंडित जवाहर लाल नेहरु एक महान व्यक्ति, नेता, राजनीतिज्ञ, लेखक और वक्ता थे। नेहरु को बच्चों से बहुत प्यार था और वो गरीब लोगों के भी हमदर्द और दोस्त थे। वो खुद को भारत का सच्चा सेवक मानते थे। भारत को एक सफल राष्ट्र बनाने के लिये पंडित नेहरु ने दिन रात कड़ी मेहनत की। वो आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने और इसीलिये उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता भी कहा जाता है। भारत की महान संतानों में से एक पंडित नेहरु भी है। वो एक ऐसे व्यक्ति थे जिनके पास दूरदृष्टी, ईमानदारी, कड़ी मेहनत, समझदारी, देशभक्ति और बौद्धिक शक्तियाँ थी।

उन्होंने ही एक महान नारा दिया था “आराम हराम है”। वो योजना आयोग के पहले अध्यक्ष बने और दो साल बाद भारत के लोगों के जीवन की गुणवत्ता को सुधारने के लिये राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन किया। 1951 में पहली पंचवर्षीय योजना उनके निगरानी में लागू हुई। उन्हें बच्चों से बेहद लगाव था इसलिये उनके वृद्धि और विकास के लिये कई तरीके उत्पन्न किये। उनके बच्चों से बेहद प्यार और लगाव के कारण ही भारतीय सरकार ने हर साल उनके जन्म दिवस को बच्चों की अच्छाई के लिये बाल दिवस के रुप में मनाने का फैसला लिया। वर्तमान में उनके जन्म दिवस के दिन सरकार ने एक और कार्यक्रम की शुरुआत की जिसका नाम बाल स्वच्छता अभियान है।

नेहरु ने हमेशा अस्पृश्य लोगों की प्रगति, समाज के कमजोर वर्गों के लोगों पर और महिलाओं और बच्चों के कल्याण के अधिकार को प्राथमिकता दी। भारत के लोगों के कल्याण के लिये सही दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिये पूरे देश में “पंचायती राज” व्यवस्था की शुरुआत हुयी। भारत के साथ समन्वय और अंतरराष्ट्रीय शांति को कायम रखने के लिये उन्होंने “पंच शील” सिद्धांत को प्रचारित किया और दुनिया के नेतृत्वकर्ता देशों में से एक के रुप में भारत को बनाया।


 

जवाहर लाल नेहरु पर निबंध 6 (400 शब्द)

पंडित जवाहर लाल नेहरु को भारत के प्रसिद्ध व्यक्तियों मे गिना जाता है और लगभग सभी भारतीय उनके बारे में अच्छे से जानते है। वो बच्चों से बेहद प्यार करते थे। उनके समय के बच्चे उन्हें ‘चाचा’ कहकर बुलाते थे। वो बहुत प्रसिद्ध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यक्ति थे। भारत के उनके पहले प्रधानमंत्री काल के दौरान उनकी कठिनाईयों के कारण उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता माना जाता है। 1947 से 1964 तक देश के प्रथम और लंबी अवधि तक प्रधानमंत्री होने का गौरव नेहरु जी को ही हासिल है। देश की आजादी के तुरंत बाद उन्होंने भारत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई।

14 नवंबर 1889 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में मोती लाल नेहरु और कमला नेहरु के घर इनका जन्म हुआ। इनके पिता उस समय के बेहद रईस, प्राख्यात और सफल वकील थे। मोती लाल जी ने नेहरु को किसी राजा की भाँति पाला। पंडित नेहरु ने अपनी शुरुआती शिक्षा घर में ही बेहद सक्षम शिक्षकों से प्राप्त की। 15 साल की उम्र में उच्च शिक्षा की खातिर नेहरु जी इंगलैंड चले गये जहाँ उन्होंने हैरो और कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। उन्होंने 1910 में डिग्री पूरी की और अपने पिता की तरह कानून की पढ़ाई की और बाद में वो एक वकील बने। देश लौटने के बाद उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट से अपनी प्रैक्टिस शुरु की। 27 वर्ष की उम्र में 1916 में नेहरु जी ने कमला कौल से शादी की और इंदिरा गाँधी के रुप में एक बेटी के पिता बने।

गुलामी के दौरान उन्होंने देखा कि अंग्रेज भारत के लोगों के साथ बहुत बुरा व्यवहार कर रहे है और तभी उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ने का फैसला किया और भारत के लिये अंग्रेजों से लड़ने का संकल्प लिया। उनका देशभक्त दिल उनको आराम से बैठने के लिये इजाजत नहीं दे रहा था और मजबूर कर रहा था कि वो बापू के साथ आजादी के आंदोलन से जुड़े और आखिरकार वो गाँधी जी के असहयोग आंदोलन से जुड़ गये। वो कई बार जेल गये लेकिन कभी भी इससे परेशान नहीं हुए और अंग्रजों की हर सजा के बावजूद भी वो खुशी से अपनी लड़ाई को जारी रखते थे। आखिरकार भारत की आजादी का दिन भी आया और 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ तथा भारत को लोगों ने देश को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिये नेहरु जी को भारत के पहले प्रधानमंत्री के रुप में चुना।

भारत के प्रधानमंत्री के रुप में उनके चुनाव के बाद उन्होंने अपनी निगरानी में कई प्रकार से देश की प्रगति के रास्ते उत्पन्न किये। डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद (स्वर्गीय राष्ट्रपति) ने एक बार उनके बारे में कहा था कि “पंडित जी के नेतृत्व में देश प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है”। बच्चों के चाचा नेहरु और भारत के पहले प्रधानमंत्री की देश की सेवा करते हुए हृदय घात की वजह से 27 मई 1964 को निधन हो गया।


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जवाहर लाल नेहरू का जीवन परिचय व इतिहास | Jawaharlal Nehru Biography (Jivani), history In Hindi

आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु के जन्म दिन को ही बाल दिवस और चिल्ड्रेन्स डे (childrens day) कहा जाता है, क्योकि नेहरु जी को बच्चे बहुत पसंद थे और बच्चे उन्हें चाचा नेहरु कहकर बुलाते थे. अगर हम नेहरु जी के जीवन  को विस्तार से पढ़े, तो हमें उनके जीवन से ढेर सारी सीख पाने के लिए मिलती है. नेहरु जी एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, देश को आजाद कराने के लिए नेहरु जी ने महात्मा गाँधी का साथ दिया था. नेहरु जी के अंदर देश प्रेम की ललक साफ दिखाई देती थी, महात्मा गाँधी उन्हें एक शिष्य मानते थे, जो उनके प्रिय थे. नेहरु जी को व्यापक रूप से आधुनिक भारत का रचियता माना जाता है.

जवाहरलाल नेहरु जीवन परिचय
Jawaharlal Nehru biography essay in hindi

क्रमांकजीवन परिचय बिंदुजवाहरलाल नेहरु जीवन परिचय
1.       पूरा नामपंडित जवाहरलाल नेहरु
2.       जन्म14 नवम्बर 1889
3.       जन्म स्थानइलाहबाद, उत्तरप्रदेश
4.       माता-पितास्वरूपरानी नेहरु, मोतीलाल नेहरु
5.       पत्नीकमला नेहरु (1916)
6.       बच्चेइंदिरा गाँधी
7.       म्रत्यु27 मई 1964, नई दिल्ली

जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे. इनका जन्म ब्राह्मण परिवार में 14 नवम्बर 1889 में हुआ था . इनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरु एवम माता का नाम स्वरूप रानी नेहरु था. इनके पिता प्रसिद्ध बैरिस्टर व् समाजसेवी थे . नेहरु जी सम्पन्न परिवार के इकलौते बेटे थे . इनके अलावा इनके परिवार में इनकी तीन बहिने थी. नेहरु जी कश्मीरी वंश के सारस्वत ब्राह्मण थे. नेहरु जी ने देश विदेश के नामी विध्यालयों एवम महाविध्यालयो से शिक्षा प्राप्त की. इन्होने हैरो से स्कूल की प्रारम्भिक शिक्षा एवम ट्रिनिटी कॉलेज लन्दन से लॉ की शिक्षा प्राप्त की. इसके बाद कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से कानून शास्त्र में पारंगत हुए . 7 वर्ष इंग्लैण्ड में रहकर इन्होने फैबियन समाजवाद एवं आयरिश राष्ट्रवाद की जानकारी विकसित की.

इन्हें ‘गुलाब का फूल’ बहुत पसंद था, जिसे वो अपनी शेरवानी में लगाकर रखते थे. इन्हें बच्चों से भी बहुत लगाव था ,बच्चे इन्हें ‘चाचा नेहरु’ कहकर सम्बोधित करते थे . इसी प्रेम के कारण इनका जन्मदिवस ‘बाल-दिवसके रूप में 14 नवम्बर को मनाया जाता है. नेहरु जी ‘डिस्कवरी ऑफ़ इण्डिया’ के रचियता के रूप में भी विख्यात रहे .

नेहरु जी की एक बेटी थी इंदिरा गाँधी. इंदिरा गाँधी अपने पिता को अपना गुरु मानती थी, देश की राजनीती को उन्होंने नेहरु जी से ही सिखा था. बचपन से ही देश की आजादी की लड़ाई को उन्होंने करीब से देखा था. यही वजह थी कि वे भी देश के प्रति अत्याधिक प्रेम रखती थी. इंदिरा जी आजाद देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनी. भारत देश को आगे बढ़ाने व् मजबूती देने में इंदिरा जी का मुख्य योगदान था.  

जवाहरलाल नेहरु का राजनैतिक सफ़र (Jawaharlal Nehru Political Life history)–

1912 में नेहरूजी ने भारत लौटकर इलाहबाद हाईकोर्ट में बेरिस्टर के रूप में कायर्रत हुए. 1916 में नेहरु जी ने कमला नामक युवती से विवाह किया. 1917 में वे होम-रुल-लीग से जुड़ गए. 1919 में नेहरु जी महात्मा गाँधी के संपर्क में आये जहाँ उनके विचारो ने, नेहरु जी को बहुत प्रभावित किया और राजनीतिज्ञ ज्ञान इन्हें गाँधी जी के नेतृत्व में ही प्राप्त हुआ, यही वह समय था जब नेहरु जी ने पहली बार भारत की राजनीती में कदम रखा था, और उसे इतने करीब से देखा था. 1919 में गाँधी जी ने रोलेट-अधिनियम के खिलाफ़ मोर्चा सम्भाल रखा था. नेहरु जी, गाँधी जी के सविनय-अविज्ञा आन्दोलन से बहुत प्रभावित थे. नेहरु जी के साथ उनके परिवार ने भी गाँधी जी का अनुसरण किया मोतीलाल नेहरु ने अपनी सम्पति का त्याग कर खादी परिवेश धारण किया. 1920-1922 में गाँधी जी द्वारा किये गये ‘असहयोग-आन्दोलन’ में नेहरु जी ने सक्रीय रूप से हिस्सा लिया. इस वक्त नेहरु जी पहली बार जेल गये. 1924 में इलाहबाद नगर-निगम के अध्यक्ष के रूप में दो वर्षो तक शहर की सेवा की. 1926 में इन्होने इस्तीफा दे दिया. 1926-28 तक नेहरु जी “अखिल-भारतीय-कांग्रेस” के महा-सचिव बने. गाँधी जी को नेहरु जी में भारत देश का एक महान नेता नजर आ रहा था.

1928-1929 में मोतीलाल नेहरु की अध्यक्षता में काँग्रेस के वार्षिक-सत्र का आयोजन किया गया. इस सत्र में दो गुट बने, पहले गुट में नेहरूजी एवम सुभाषचन्द्र बोस ने पूर्ण स्वतंत्रता की मांग का समर्थन किया और दुसरे गुट में मोतीलाल नेहरु और अन्य नेताओं ने सरकार के आधीन ही प्रभुत्व सम्पन्न राज्य की मांग की . इस दो प्रस्ताव की लड़ाई में गाँधी जी ने बीच का रास्ता निकाला. इन्होने कहा कि ब्रिटेन को दो वर्षो का समय दिया जायेगा ताकि वे भारत को राज्य का दर्जा दे अन्यथा कांग्रेस एक राष्ट्रीय लड़ाई को जन्म देगी . परन्तु सरकार ने कोई उचित जवाब नहीं दिया .नेहरु जी की अध्यक्षता में दिसम्बर 1929 में काँग्रेस का वार्षिक अधिवेशन ‘लाहौर’ में किया गया, इसमें सभी ने एक मत होकर ‘पूर्ण स्वराज’ की मांग का प्रस्ताव पारित किया . 26 जनवरी 1930 में लाहौर में नेहरु जी ने स्वतंत्र भारत का ध्वज लहराया . 1930 में गाँधी जी ने ‘सविय-अवज्ञा आन्दोलन’ का जोरो से आव्हाहन किया, जो इतना सफल रहा कि ब्रिटिश सरकार को महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिया झुकना ही पड़ा .

1935 में जब ब्रिटिश सरकार ने भारत अधिनियम का प्रस्ताव पारित किया, तब काँग्रेस ने चुनाव लड़ने का फैसला किया. नेहरु ने चुनाव के बाहर रहकर ही पार्टी का समर्थन किया . काँग्रेस ने हर प्रदेश में सरकार बनाई और सबसे अधिक जगहों पर जीत हासिल की .1936-1937 में नेहरु जी की काँग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया . 1942 में गांधीजी के नेतृत्व में ‘भारत छोडो आन्दोलन’ के बीच नेहरु जी को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद वह 1945 में जेल से बाहर आये. 1947 में भारत एवम पकिस्तान की आजादी के समय नेहरु जी ने सरकार के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई .

देश के प्रथम प्रधानमंत्री का चुनाव –

1947 में भारत आजादी के वक्त काँग्रेस में प्रधानमंत्री की दावेदारी के लिए चुनाव किये गये, जिसमे सरदार बल्लभ भाई पटेल एवम आचार्य कृपलानी को सर्वाधिक मत प्राप्त हुए. पर गाँधी जी के आग्रह पर जवाहरलाल नेहरू को भारत का प्रथम प्रधानमंत्री मंत्री नियुक्त किया गया. इसके बाद नेहरु जी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने .

स्वतन्त्रता के बाद भारत को सही तरह से गठित कर उसका नेतृत्व कर एक मजबूत राष्ट्र की नीव के निर्माण का कार्य नेहरु जी ने शिद्दत के साथ निभाया. भारत को आर्थिक रूप से निर्भीक बनाने के लिए भी इन्होने बहुत अहम योगदान दिया. आधुनिक-भारत के स्वप्न की मजबूत नीव का निर्माण किया . इन्होने शांति एवम संगठन के लिए ‘गुट-निरपेक्ष’ आन्दोलन की रचना की. इनकी बहुत मेहनत के बावजूद यह पकिस्तान और चीन से मैत्री पूर्ण सम्बन्ध नहीं बना पाए .

जवाहरलाल नेहरु को मिला सम्मान (Jawaharlal Nehru Awards)-

1955 में नेहरु जी को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत-रत्न’ से नवाज़ा गया.

नेहरु जी की म्रत्यु (Jawaharlal Nehru Death)-

नेहरु जी अपने पड़ोसी देश चीन व् पाकिस्तान के साथ संबद्ध सुधारने के लिए हमेशा प्रयासरत रहे. उनकी सोच थी कि हमें अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना चाहिए, लेकिन 1962 में चीन ने भारत पर हमला कर दिया, जिससे नेहरु जी बहुत आघात पंहुचा. पाकिस्तान से भी काश्मीर मसले के चलते कभी अच्छे सम्बन्ध नहीं बन पाए. नेहरु जी की  27 मई 1964 को दिल का दौरा पड़ने से ‘स्वर्गवास’ हो गया. उनकी मौत भारत देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षती थी. देश के महान नेताओं व् स्वतंत्रता संग्रामी के रूप में उन्हें आज भी याद किया जाता है. उनकी याद में बहुत सी योजनायें, सड़क बनाई गई. जवाहरलाल नेहरु स्कूल, जवाहरलाल नेहरु टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, जवाहरलाल नेहरु कैंसर हॉस्पिटल आदि की शुरुवात इन्ही के सम्मान में की गई.

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Karnika

कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं

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